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भारतीय मूल की ‘बोधना सिवानंदन’ अब तक की सबसे कम उम्र की महिला ग्रैंडमास्टर

भारतीय मूल की ‘बोधना सिवानंदन’ अब तक की सबसे कम उम्र की महिला ग्रैंडमास्टर


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2026-09-30 : हाल ही में, भारतीय मूल की बोधना सिवानंदन ने सिर्फ 11 वर्ष की अल्पआयु में शतरंज की दुनिया में इतिहास रच दिया है। आपको बता दे की बोधना ने यहाँ इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने 2026 चेस ओलंपियाड में तीसरा और अंतिम वुमन ग्रैंड मास्टर नॉर्म हासिल किया और सबसे कम उम्र की महिला ग्रैंडमास्टर बनने का तमगा हासिल किया है। इस प्रतियोगिता में बोधना के प्रदर्शन की बदौलत इंग्लैंड की टीम महिला वर्ग में 15वें स्थान पर रही।

आपकी बेहतर जानकारी के लिए बता दे की बोधना ने रूस की कैटरीना लाग्नो का रिकॉर्ड तोड़ा है। कैटरीना लाग्नो ने 12 साल की उम्र में वुमन ग्रैंड मास्टर नॉर्म हासिल किया था। इस रिकॉर्ड को तोड़कर सिवानंदन ने अपनी प्रतिभा का एक और बड़ा अध्याय लिख दिया है।

ध्यान रहे की एक खिलाड़ी को ग्रैंडमास्टर (grandmaster of india) बनने के लिए तीन ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल करने के अलावा लाइव रेटिंग में 2500 ELO अंक को पार करना होता है। ज्ञात हो की "विश्वनाथन आनंद" भारत के पहले ग्रैंडमास्टर (first grandmaster of india) बने थे जिन्होंने वर्ष 1988 में यह उपलब्धि हासिल की थी।

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